आज कल की तनाव भरी ज़िंदगी में सिर दर्द तो मानो एक आम सी बात हो चुकी है। लेकिन अगर ज़्यादा समय तक सिर दर्द बना रहे तो इसे नज़र अंदाज़ करना एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। वैसे सिर दर्द के अलग-अलग प्रकार होते हैं, जिनमें माइग्रेन, साइनस और ट्यूमर के कारण सिर दर्द होना घातक साबित हो सकता है।
आइये जानते हैं किन-किन प्रकार के सिरदर्द होते हैं।
शहरी लोगों को होता है स्ट्रेस या टेंशन वाला हेडेक
शहर में रहने वाले लोगों को ज़्यादातर स्ट्रेस हेडेक होने लगता है। स्ट्रेस हेडेक का मुख्य कारण पॉल्यूशन, काम का ज़्यादा प्रेशर और तनाव भरा जीवन हो सकता है। यह दर्द सुबह-सुबह तो पता नहीं चलता लेकिन शाम होते-होते सिर दर्द भी बढ़ता जाता है।
माइग्रेन हेडेक होता है सबसे खतरनाक
माइग्रेन का दर्द बहुत ही तीव्र होता है। इसमें व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे सिर पर कोई भारी वस्तु रख दी गई हो। माइग्रेन के लक्षणों में से कुछ हैं नज़र का धुंधला पड़ जाना, उल्टियाँ आना और सिर में असहनीय दर्द होना। माइग्रेन की वजह से गर्दन और आँखों में भी दर्द बना रहता है।
लागातर दर्द का बना रहना हो सकता है घातक
सामान्य जनसंख्या में अधिकतर लोगों को सिर दर्द की समस्या होती ही है। कुछ हेडेक ऐसे होते हैं जिनके कारण जानलेवा बीमारियाँ भी होने लगती है। अगर लगातार आपके सिर में दर्द बना रहता है तो आपको डॉक्टर से अवश्य परामर्श कराना चाहिए।
दिमागी बुखार के कारण दर्द
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि तेज़ बुख़ार के कारण भी सिर में दर्द होने लगता है। यह साधारण इलाज़ से ठीक हो जाता है। इसमें चिंता की कोई बात नहीं होती। अगर दर्द बना रहता है तो डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें, कभी-कभी ब्रेन में किसी इन्फेक्शन की वजह से भी लगातर सिर दर्द होने लगता है।
आँख या दांतों की वजह से भी होता है दर्द
कभी-कभी ऐसा होता है कि आँखों में कमज़ोरी की वजह से सिर में दर्द होने लगता है। अगर आँखों से पानी बह रहा हो या नज़र में परेशानी आ रही हो तो सिर में भारीपन लगने लगता है। ऐसे में आँखों के डॉक्टर से संपर्क करें, चश्मे का नंबर लगते ही दर्द ठीक हो जाएगा।
साइनस हेडेक
साइनस हेडेक उगते सूरज के हिसाब से बढ़ता है। साइनस का मुख्य कारण ज़ुकाम होता है। यदि ज़्यादा समय तक ज़ुकाम ठीक नहीं होता है तो साइनस होने की सम्भावना बहुत ज़्यादा हो जाती है। साइनस का दर्द भी असहनीय होता है पर दवाइयों के उपयोग से इसे ठीक किया जा सकता है।
आइये जानते हैं किन-किन प्रकार के सिरदर्द होते हैं।
शहरी लोगों को होता है स्ट्रेस या टेंशन वाला हेडेक
शहर में रहने वाले लोगों को ज़्यादातर स्ट्रेस हेडेक होने लगता है। स्ट्रेस हेडेक का मुख्य कारण पॉल्यूशन, काम का ज़्यादा प्रेशर और तनाव भरा जीवन हो सकता है। यह दर्द सुबह-सुबह तो पता नहीं चलता लेकिन शाम होते-होते सिर दर्द भी बढ़ता जाता है।
माइग्रेन हेडेक होता है सबसे खतरनाक
माइग्रेन का दर्द बहुत ही तीव्र होता है। इसमें व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे सिर पर कोई भारी वस्तु रख दी गई हो। माइग्रेन के लक्षणों में से कुछ हैं नज़र का धुंधला पड़ जाना, उल्टियाँ आना और सिर में असहनीय दर्द होना। माइग्रेन की वजह से गर्दन और आँखों में भी दर्द बना रहता है।
लागातर दर्द का बना रहना हो सकता है घातक
सामान्य जनसंख्या में अधिकतर लोगों को सिर दर्द की समस्या होती ही है। कुछ हेडेक ऐसे होते हैं जिनके कारण जानलेवा बीमारियाँ भी होने लगती है। अगर लगातार आपके सिर में दर्द बना रहता है तो आपको डॉक्टर से अवश्य परामर्श कराना चाहिए।
दिमागी बुखार के कारण दर्द
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि तेज़ बुख़ार के कारण भी सिर में दर्द होने लगता है। यह साधारण इलाज़ से ठीक हो जाता है। इसमें चिंता की कोई बात नहीं होती। अगर दर्द बना रहता है तो डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें, कभी-कभी ब्रेन में किसी इन्फेक्शन की वजह से भी लगातर सिर दर्द होने लगता है।
आँख या दांतों की वजह से भी होता है दर्द
कभी-कभी ऐसा होता है कि आँखों में कमज़ोरी की वजह से सिर में दर्द होने लगता है। अगर आँखों से पानी बह रहा हो या नज़र में परेशानी आ रही हो तो सिर में भारीपन लगने लगता है। ऐसे में आँखों के डॉक्टर से संपर्क करें, चश्मे का नंबर लगते ही दर्द ठीक हो जाएगा।
साइनस हेडेक
साइनस हेडेक उगते सूरज के हिसाब से बढ़ता है। साइनस का मुख्य कारण ज़ुकाम होता है। यदि ज़्यादा समय तक ज़ुकाम ठीक नहीं होता है तो साइनस होने की सम्भावना बहुत ज़्यादा हो जाती है। साइनस का दर्द भी असहनीय होता है पर दवाइयों के उपयोग से इसे ठीक किया जा सकता है।























